Июль 5, 2019
real story about Indian housewife
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Writer Director — Mukesh Narayan Agrwal
Producer — Rekha pandey
Concept — Alok pandey
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दोस्तों हमारा फिल्म का टाइटल अधिकतर मज़बूरी से जुड़ा होता है
इसलिए आप सभी को भी जानना चाहिए की मज़बूरी क्या होता है?
मजबूरी वह मानसिक स्थिति है, जब व्यक्ति घटनाओं और परिस्थितियों को इच्छा अनुकूल नहीं पाता और खुद को लाचार पाता है | यह मानसिक अवरोध है, जो व्यक्ति के दिमाग में तभी आता है, जब वह उसे खाली छोड़ दे | यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य व जीवन के मौलिक उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करे, तो उसके दिमाग को ‘मजबूर’ महसूस करने की किर्या के लिए स्थान मिल ही नहीं सकता |
लोग अपनी गरीबी, विकलांगता, अशिक्षा आदि की मजबूरी बताते हुए यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि उनसे ज्यादा मजबूर और परेशान कोई नहीं है |
जो लोग मजबूरी जैसे मानसिक अवरोध से दूर रहते हैं, उनमें उत्साह व आत्मविश्वास के भाव पनपते हैं | मजबूरी की बाधा स्वस्थ्य व्यक्ति को भी शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर कर देती है | कुछ लोग मजबूरी जैसे मानसिक अवरोध के कारण सही समय का इंतजार करते हुए बूढ़े हो जाते हैं, पर उनके हाथ कुछ नहीं लगता | सही समय जैसा कुछ नहीं होता, उसके इंतजार में मत बैठिए | आप जहाँ हैं, जो भी साधन आपको उपलब्ध है, उनसे शुरू तो कीजिए | जैसे – जैसे आप आगे बढ़ेंगे, बेहतर साधन उपलब्ध होते चले जाएंगे |
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Cast — Nishant, Tapashya & Navtej
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Producer — Rekha pandey
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देवर ने भाभी को घर बुलाकर किया गलत काम | True Romantic Love Story — CRIME STORY
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Cast — Ramu Mehra, Mosmi Pandit, Tamnna, Nayla, Rajkumar
Director — Shankar Mehra
Producer — Shankar Mehra ( Raama Mehra Production )
Writer — Rama Mehra
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Click to watch all the episodes of Crime Patrol Dial 100 — https://www.youtube.com/playlist?list=PLzufeTFnhupzBi22rTZgQbnRMWVCrUEvP
In today's episode of Crime Patrol, watch the investigation of a missing case from Maharashtra. Ramlal is married to Munni who is 35 years younger to him. When Munni goes missing from her house, Ramlal lodges her missing complaint in a police station. While investigating the case, the police find Raghu's dead body near Ramlal's house. Want to know more? Then stay tuned in and find out here.
Crimes that tell us, we need to be careful, we need to be watchful. Crimes that tell us lives could have been saved.Every crime we hear of, either warns us to be careful or scares us, it could happen to us. Every crime ignites a feeling, 'It should not have happened'.Would knowing the 'Why' behind a crime, help in stopping a crime from happening?'I don’t like the way he looks at me', 'I don’t like the way he/she is behaving', 'I think he/she is out of his/her mind', 'I think he/she has gone crazy'. That gaze, that quirky smile, that persistent stare which unnerves. It is difficult to understand the intentions but the hints are there.In a house a husband and wife argue, fight. A vessel comes flying, a glass breaks. Husband is angry and the wife is upset. That hatred, that ego. The distance that keeps growing. It is difficult to comprehend the damage, but the cracks are there.Feelings… expressions. Misunderstood, unresolved callings of the heart. The cracks are there. Too wide to be missed. Yet when the heart takes over the mind, the outcome is a mindless tragedy.Crime Patrol- Dastak will attempt to look at the signs, the signals that are always there before these mindless crimes are committed. Instincts/Feelings/Signals that so often tell us that not everything is normal. May be, that signal/feeling/instinct is just not enough to believe it could result in a crime. Unfortunately after the crime is committed, those same signals come haunting.
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मजबूरी वह मानसिक स्थिति है, जब व्यक्ति घटनाओं और परिस्थितियों को इच्छा अनुकूल नहीं पाता और खुद को लाचार पाता है | यह मानसिक अवरोध है, जो व्यक्ति के दिमाग में तभी आता है, जब वह उसे खाली छोड़ दे | यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य व जीवन के मौलिक उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करे, तो उसके दिमाग को ‘मजबूर’ महसूस करने की किर्या के लिए स्थान मिल ही नहीं सकता |
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Cast — Ajay Nayak, Zara Khan & Sarvesh Khan
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